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खतौली रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस (उत्कल एक्सप्रेस) के 12 ड‍िब्बे पटरी से उतर गए। यूपी डीजीपी सुलखान सिंह ने  बताया कि इस हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है और 156 लोग घायल हैं। शुरुआती जांच में लापरवाही की बात सामने आई है। ट्रैक पर दो दिनों से सिग्नलिंग का काम चल रहा था। शनिवार को उत्कल के ड्राइवर को कॉशन कॉल नहीं मिला। ढीली कपलिंग वाली पटरी पर ट्रेन 105 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरी और पटरी से उतर गई। ऐसी जगह अक्सर रफ्तार 15-20 किमी प्रति घंटा रखी जाती है। नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया। मोदी ने कहा कि मृतकों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं और मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। हादसे के ये 3 कारण हो सकते हैं...

1) तेज स्पीड
- रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, "उत्कल एक्सप्रेस का स्टॉपेज खतौली में नहीं है। ट्रेन करीब 105Kmph की रफ्तार से चल रही थी। स्टेशन पार करते ही ड्राइवर को किसी खतरे की आशंका हुई, जिसके बाद उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इसी वजह से डिब्बे पटरी से उतरने की आशंका है।"

2) ट्रैक मेंटेनेंस
- बताया जा रहा है कि हादसे वाली जगह पर करीब 200 मीटर ट्रैक लंबे समय से खराब है। अक्सर फ्रैक्चर के कारण यहां ट्रेनें धीमी रफ्तार से निकलती हैं। यह ट्रैक बदलने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड मंजूर कर चुका है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है।
- बताया जा रहा है कि काम चलने की वजह से निर्देश था कि यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड 10 से 15Kmph के बीच होगी, लेकिन उत्कल के ड्राइवर ने इस निर्देश को नजरअंदाज करते हुए करीब 105Kmph की स्पीड से ट्रेन गुजारी।
- एडीजी एलओ आनंद कुमार का भी कहना है कि चश्मदीदों के मुताबिक, ट्रैक पर काम चल रहा था और ट्रेन की स्पीड तेज थी। फिलहाल, जांच चल रही है।

3) आतंकी साजिश
- मुजफ्फरनगर में हुआ हादसा कहीं आतंकी साजिश तो नहीं। इस बात का पता करने के लिए एटीएस की टीम को भी मुजफ्फरनगर के खतौली भेजा गया है। एटीएस के एएसपी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे। NDRF हेडक्वार्टर से 2 टीमों को भेजा गया, आतंकी साजिश की आशंका है, इसलिए डॉग स्क्वॉड भी भेजा गया।

योगी ने दिए जांच के आदेश
- योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे की हाईलेवल इन्क्वाइरी के निर्देश दिए हैं।
- उन्होंने कहा, " ये बड़ा दुखद हादसा है। मौके पर हम लोगोें ने पुलिस और प्रशासन को भेजा है। यूपी सरकार के दो मंत्री सतीश महाना और सुरेश राणा को भेजा है। युद्धस्तर पर राहत कार्य किए जाएंगे। मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। रेल मंत्रालय के साथ हम संपर्क में हैं। जो जरूरी कदम होंगे वो उठाए जाएंगे।"
- दिल्ली से NDRF, मेरठ से PAC, मुजफ्फरनगर के डीएम, एसएसपी, सहारनपुर के कमिश्नर, मेरठ के कमिश्नर, नोएडा में तैनात ATS और STF की टीमों को मौके पर रवाना किया गया है। रिलीफ एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के लिए पीएसी की 9 कंपनियों को खतौली पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

आबादी वाले इलाके में घुस गईं बोगियां
- यूपी सरकार ने स्टेटमेंट जारी किया, "उत्कल एक्सप्रेस उड़ीसा से हरिद्वार जा रही थी। खतौली रेलवे स्टेशन आउटर के पास जोरदार झटका लगने से तिलकराम इंटर कॉलेज के पास अनियंत्रित होकर डिरेल हो गई। बीच की करीब 12 बोगी पटरी से उतर गईं। इनमें कुछ बोगियां आबादी में घुस गई, जहां कुछ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक बोगी कॉलेज और एक बोगी घर में घुस गई।

यूपी और ओडिशा सरकार, रेलवे ने किया मुआवजे का एलान
- यूपी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने का एलान किया। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा, " मृतकों के परिजनों को 3.5 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार और अन्य घायलों को 25 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा।'
- ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने का एलान किया।

राहत के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं- प्रभु
- सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया, "मैंने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, ट्रैफिक मेंबर्स और दूसरे अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए, ताकि राहत और बचाव के काम पर नजर रखी जा सके। घायलों को इलाज पहुंचाने और मदद के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मेडिकल वैन्स रवाना की गई हैं।"
- "मनोज सिन्हा घटना स्थल की ओर रवाना हो गए हैं। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, वजहों का पता लगाया जाएगा। कोई खामी पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"

हेल्पलाइन नंबर
डीएम, मुजफ्फरनगर- 9454417574
एसएसपी, मुजफ्फरनगर- 9454400314
सीएमओ, मुजफ्फरनगर- 9412333612, 9634092001
एसपी सिटी, मुजफ्फरनगर- 9454401127
एसडीएम खतौली- 9454417008
सीओ खतौली- 9454401611
एसओ जीआरपी, मुजफ्फरनगर- 9454404449
रेलवे कंट्रोल रूम- 0131-2645238
आरपीएफ- 0131-2437160

ये ट्रेनें रोकी गईं
- हादसे के बाद देहरादून-सहारनपुर-दिल्ली रूट पर दर्जनों ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया गया है। देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस, सहारनपुर-इलाहाबाद नौचंदी एक्सप्रेस, अंबाला-दिल्ली पैसेंजर, शालीमार एक्सप्रेस, दिल्ली-देहरादून जन शताब्दी को रोक दिया गया है। स्टेशन अधीक्षक जवाहर सिंह ने बताया कि अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि ट्रेनों को किस रास्ते दिल्ली निकाला जाए।

40% रेलवे ट्रैक आउट डेटेड
 रेलवे के रिटायर्ड अधिकारियों ने  बताया कि, रेलवे में भारी संख्या में वर्कर्स की कमी है। वहीं, आउट डेटेड मैटेरियल से काम चलाया जा रहा है, जिस वजह से ये हादसे हो रहे हैं।
- रिटायर्ड अधिकारी और नॉर्दन रेलवे मेन्स यूनियन (एनआरएमयू) के प्रेसिडेंट एसके त्यागी ने बताया कि, ''रेल होदसों का सबसे बड़ा कारण ये है कि हमारे 40 प्रतिशत ट्रैक आउट डेटेड हैं। इसके अलावा कई रूट ऐसे हैं जिनके ट्रैक अक्सर खराब रहते हैं। इन ट्रैक्स को मेंटेन कराकर चलाया जा रहा है। इतना ही नहीं ट्रैक को सुबह और शाम जांच का नियम है। लेकिन मैन पावर की कमी की वजह से ये जांच भी नहीं हो पा रही। ऐसे में हादसे तो होंगे ही।''
- ''ये बातें सारे अधिकारी जानते हैं, फिर चाहे वो मैनेजमेंट हो या निचले स्तर पर काम कर रहे डीआरएम या अन्य कर्मी। कोई पॉलिसी भी बनती है तो वो फाइल इतनी जगह से घूमती है कि दोबारा मिलती ही नहीं। बस कागजों पर सारी चीजें दी जा रही हैं।''

UP में डेढ़ साल में हुए बड़े रेल हादसे
1) 20 फरवरी 2017: कालिन्दी एक्सप्रेस के टुंडला में 12 डिब्बे पटरी से उतरे। 23 की मौत
2) 20 नवंबर 2016: कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसा। 121 लोगों की मौत।
3) 20 मार्च 2015:रायबरेली के बछरावां के पास देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस हादसा। 32 की मौत।
4) 1 अक्टूबर 2014: गोरखपुर में क्रासिंग पर दो ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर। 14 की मौत।

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