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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। सबसे बुरा हाल हैदराबाद का है। बारिश ने हैदराबादवासियों को मुंबई का बारिश की याद दिला दी है। शहर में बाढ़ जैसी स्थिति है। क्या इंसान, क्या जानवर सभी परेशान हैं। सड़कें तालाब लग रही हैं। नेहरू जूलॉजिकल पार्क में भी पानी भर गया है। सोमवार की शाम को हुई झमाझम बारिश की मुख्य वजह मॉनसून बताई जा रही है। बारिश से संबंधित इन घटनाओं में 3 लोगों की मौत भी हो गई है।

मंगलवार को राहत की बात यह है कि बारिश फिलहाल थम गई है, लेकिन शहर में जगह-जगह भरा पानी मुश्किलें पैदा कर रहा है। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को शाम साढ़े चार बजे से साढ़े आठ बजे तक 67.6 मिमी बारिश रेकॉर्ड की गई। भारी बारिश की वजह से शहर के कई निचले इलाकों में सैलाब आ गया। पूरे शहर में ट्रैफिक की रफ्तार बेहद धीमी रही। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने अपने कर्मचारियों को शहर में जमा हुए पानी को निकालने और अन्य राहत कार्यों में लगा दिया है।


बारिश की वजह से हुई घटनाओं में जान गंवाने वालों में 4 महीने का एक बच्चा और उसके पिता सहित कुल 3 लोग शामिल हैं। बच्चे और उसके पिता की मौत नायडू नगर स्थित उसके घर में हुई, जब भारी बारिश की वजह से उनके घर की दीवार गिर गई। पिता-पुत्र की शव मलबे से बरामद किया गया। वहीं दूसरी घटना में सड़क किनारे पोल से सट कर खड़ी वैन को छूने से 35 साल के एक युवक की मौत हो गई।


मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने खुद ही संज्ञान लेते हुए GHMC आयुक्त और शहर के पुलिस आयुक्त से बात कर सरकारी मशीनरी को अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए राहत कार्य में जुटने और समस्याओं का तुरंत समाधान करने का निर्देश दिया है।

वहीं तूफानी मौसम को देखते हुए उस्मानिया यूनिवर्सिटी को अगले सरकारी आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। मंगलवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को पोस्टपोन कर दिया गया है। इस संबंध में नया टाइम टेबल जल्दी ही जारी किया जाएगा।

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