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अजमेर मंडल में रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अजमेर-पालनपुर खंड पर रानी से मोरी बेड़ा के बीच करीब 40...


अजमेर मंडल में रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अजमेर-पालनपुर खंड पर रानी से मोरी बेड़ा के बीच करीब 40 किलोमीटर रेल दोहरीकरण व नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य गुरुवार को पूरा हुआ। इसको लेकर मुंबई पश्चिम के रेल सुरक्षा आयुक्त सुशील चंद्रा ने भी रानी व मोरी बेड़ा स्टेशनों का निरीक्षण किया। इतना ही नहीं, रानी से मोरी बेड़ा के बीच आने वाले स्टेशनों पर आधुनिक कंप्यूटराइज सिग्नल लगाए जाएंगे, जहां एक क्लिक से सारी जानकारी मिल जाएगी। जानकारी के अनुसार अजमेर-पालनपुर खंड पर 140 किलोमीटर रेलवे दोहरीकरण का कार्य शुरू किया गया था। मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला ने बताया कि इसके लिए अलग-अलग पैच में यह कार्य किया जा रहा है, जो दिसंबर 2018 तक पूरा होगा, वहीं रानी व मोरीबेड़ा के बीच दोहरीकरण मार्ग पर इंटरलाकिंग का कार्य किया गया। उन्होंने बताया कि इस खंड के दोहरीकरण के बाद अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो पाएगा।

जिले के 6 स्टेशनों पर काम

अधिकारियों के अनुसार रानी से मोरी बेड़ा के बीच आने वाले 6 स्टेशनों का इसका फायदा मिलेगा। इसके तहत रानी व मोरी बेड़ा समेत 6 स्टेशनों खिमेल, फालना, बिरोलिया और जवाई बांध स्टेशन पर दोहरीकरण का कार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त इस दोहरीकरण खंड के सभी स्टेशनों पर अति आधुनिक कंप्यूटर आधारित सिग्नल प्रणाली लगाई गई है, जिसमें गाडिय़ों के रूट सेंटिंग व अन्य जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी।

गुरुवार को 5 घंटे में इन 6 स्टेशनों पर इंटरलाकिंग का कार्य किया गया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा दोहरीकरण होने के बाद इन स्टेशनों पर ट्रेनों का अधिक संचालन संभव हो पाएगा। इस बड़ी उपलब्धि के लिए अजमेर मंडल के संकेत व दूरसंचार, परिचालन, इंजीनियरिंग व रेल विकास निगम के कर्मचारियों का भी काफी सहयोग रहा। - पुनीत चावला, मंडल रेल प्रबंधक, अजमेर

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