भरतपुर: कभी कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम रहे राजस्थान में अब बेटियों ने सारी दुनिया के सामने अपने सशक्तीकरण की एक अनोखी मिसाल पेश की है। आज के युवा अच्छी नौकरी, अच्छा पैसा को अपना भविष्य मानते हैं। लोग गांवों से दूर हो रहे हैं लेकिन राजस्थान के भरतपुर में कामां पंचायत की कमान एक 24 साल की लड़की ने अपने हाथों में ले ली है। 24 साल की शहनाज खान MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। शहनाज ने अपनी पढ़ाई को जारी रखने हुए सरपंच का चुनाव लड़ने का फैसला किया और 195 वोटों से जीत हासिल की। शहनाज राजस्थान की पहली महिला MBBS डॉक्टर सरपंच बन गईं। भरतपुर जिले में एक गांव की बेटी ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद अब गांव की नन्ही बच्चियों को भी उनके सपने पूरा करने में मदद करने का काम शुरू किया है। भरतपुर की इस बेटी का नाम शहनाज खान है, जो कि राज्य की सबसे युवा महिला सरपंच चुनी गई हैं| बता दें कि शहनाज के पहले राजस्थान के टोंक जिले में एमबीए स्कॉलर छवि राजावत ने अपने पैतृक गांव सोडा की सबसे युवा सरपंच बन राज्य के लोगों के सामने एक मिसाल पेश की थी। कई निजी कंपनियों में काम कर गांव की सरपंच बनीं राजावत को संयुक्त राष्ट्र में आयोजित 11वें इन्फो-पॉवर्टी वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस में भी आमंत्रित किया गया था।
पेशे से डॉक्टर शहनाज ने अब गांव की सेवा करने और बेटियों को उनकी शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया है, जिसके कारण उनके परिवार और क्षेत्र के लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। 24 साल की शहनाज ने बतौर सरपंच अपना कामकाज संभालने के बाद गांव के लोगों के बीच अपनी प्राथमिकताओं के बारे में चर्चा की। इस दौरान शहनाज ने कहा कि मैं बेहद गौरवान्वित हूं कि मुझे अपने लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। बतौर सरपंच मेरी प्राथमिकता होगी कि गांव में बच्चियों के लिए शिक्षा और स्वच्छता की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि मैं यह भी चाहती हूं कि मैं बेटियों के सामने यह उदाहरण दे सकूं कि शिक्षा से समाज में बदलाव हो सकता है।


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