बिहार कैडर के आईपीएस, लोढा 2008 में बेगूसराय में एसपी थे और उस समय बिहार के कई इलाकों में माओवादियों का आतंक था। उन्हें 28 मार्च, 2008 को जानकारी दी गई थी कि माओवादी क्षेत्र के कमांडर दयानंद मालकर सरोज गांव में छिपा रहे थे। लोढा अपनी टीम के साथ गए और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकिन मालकर ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। लोढ़ा ने किसी भी नागरिक को घायल किए बिना नक्सलियों पर हमला किया। नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्होंने 12 नक्सलियों को गिरफ्तार कर हथियार और गोला बारूद की भारी कैश बरामद की।
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