सुरत/ गोडवाड ज्योती: घाणेराव हाल मालेगांव की एमबीबीएस टॉपर और अरबपति परिवार की 28 वर्षीय सुपुत्री हिना अशोकजी हिंगड ने सांसारिक जीवन त्याग कर लब्धि सूरी समुदाय के प.पु. आचार्यश्री विजय यशोवर्म सुरिश्वरजी म.सा., आचार्यश्री वीरयश सुरिश्वरजी म.सा., आचार्यश्री भाग्ययश सुरिश्वरजी म.सा., आचार्यश्री दर्शनयश सुरिश्वरजी म.सा., भद्रबाहु विजयजी आदि म.सा. एवं साध्वीवर्या वंदनमालाजी म.सा. एवं विनेकमालाजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में सूरत स्थित विजयलक्ष्मी हॉल में दीक्षा अंगीकार की। हिना ने पूरे विधि और जैन परंपरा के अनुसार दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा पश्चात उनके नामकरण विधि में आचार्यश्री के मुखारविंद से हिना हिंगड़ को प.पु. साध्वीश्री विशारदमालाजी नूतन नाम प्रदान किया गया|
अहमदनगर यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले 3 सालों से प्रैक्टिस कर रही थी। हालाँकि वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। जब हिना ने अपने परिवार को अपने आध्यात्मिक रुझान के बारे में बताया तो उनके घर वाले राजी नहीं हुए। हिना पिछले 12 सालों से अपने माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों को दीक्षा लेने के लिए मना रही थी। हिना का कहना है कि उन्हें सांसारिक सुखों को त्याग कर आध्यात्मिक संयम का रास्ता अपनाना है। हिना हिंगड परिवार की 6 बेटियों में सबसे बड़ी है।
हिना से पहले अप्रैल 2018 में हीरा कारोबारी के बेटे परफ्यूम और महंगी कारों के शौक़ीन भव्य शाह ने महज 12 साल की आयु में दीक्षा ग्रहण की थी| दीक्षा पूर्व भव्य को फरारी गाड़ी बैठाकर घुमाया गया और फिर भव्य ने आखिरी वक्त में घरवालों से जी भरकर बातें की और उनसे विदा ली थी। ज्ञात हो कि वर्ष 2014 में भव्य की बड़ी बहन प्रियांशी ने भी 12 साल की उम्र में दीक्षा अंगीकार की थी| इनके अलावा अप्रैल 2018 में ही मुंबई के प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सीए मोक्षेश करोड़ों की संपत्ति छोड़ जैन भिक्षु बन गए| जून 2017 में गुजरात बोर्ड के 12वीं (कॉमर्स) के टॉपर वर्षील शाह, सितंबर 2017 में मध्यप्रदेश के एक दंपति ने अपनी 3 साल की बच्ची और 100 करोड़ की संपत्ति को छोड़ दीक्षा ले ली थी|




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