उदयपुर/गोडवाड ज्योती: उदयपुरवासियो को अब जल्दी ही टाइगर सफारी का लुफ्त उठाने का मौका मिलने वाला है। राज्य सरकार ने पर्यटकों के बीच उत्साह और रोमांच लाने के लिए इसे शुरू करने का निर्णय लिया है। टाइगर सफारी के लिए एक सेमी-लग्जरी ट्रेन चलाई जाएगी जो उदयपुर, चितौड़गढ़ और रणथंभौर को कवर करेगी। राजस्थान टूरिज्म ने यह जानकारी ट्वीट द्वारा दी है कि लेकसिटी से जल्द ही टाइगर एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का मकसद उदयपुर और चितौड़गढ़ घूमने आने वाले पर्यटकों को रणथंभौर के बाघों को देखने के लिए आकर्षित करना है। हाल ही में रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने ५ जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इसकी घोषणा भी की थी।
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर उद्यान देश के बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में एक है, जो ३९२ वर्ग किलोमीटर फैला हुआ है और अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उदयपुर और चितौड़गढ़ आने वाले पर्यटकों को रणथम्भौर के लिए आकर्षित करने के मकसद से ही यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत सेमी-लग्जरी ट्रेन टूरिस्ट सर्किट पर ही चलाने की योजना है। ट्रेन में डाइनिंग कार, बाथरूम और छोटी लाइब्रेरी की भी सुविधा होगी। टाइगर एक्सप्रेस ट्रेन में पांच दिन और छह रातों के ट्रिप के लिए एसी फस्र्ट क्लास में ५० हजार तक की कीमत चुकानी पड़ेगी जबकि २ टियर में ४४ हजार तक का खर्च होगा।
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर उद्यान देश के बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में एक है, जो ३९२ वर्ग किलोमीटर फैला हुआ है और अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उदयपुर और चितौड़गढ़ आने वाले पर्यटकों को रणथम्भौर के लिए आकर्षित करने के मकसद से ही यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत सेमी-लग्जरी ट्रेन टूरिस्ट सर्किट पर ही चलाने की योजना है। ट्रेन में डाइनिंग कार, बाथरूम और छोटी लाइब्रेरी की भी सुविधा होगी। टाइगर एक्सप्रेस ट्रेन में पांच दिन और छह रातों के ट्रिप के लिए एसी फस्र्ट क्लास में ५० हजार तक की कीमत चुकानी पड़ेगी जबकि २ टियर में ४४ हजार तक का खर्च होगा।

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