मुंबई/गोडवाड ज्योती: प.पु. तपागच्छाधिपति आचार्यश्री विजय प्रेमसूरीश्वरजी म.सा. के कालधर्म पश्चात तपागच्छ प्रवर समिति के रिक्त स्थान पर तपागच्छ नायक के रूप में प.पु. आचार्यश्री मनोहरसागर सुरिश्वरजी म.सा. के नाम की घोषणा की गई। साथ ही प्रवर समिति के कामकाज की जवाबदारी पालीताना व श्री शंखेश्वर महातीर्थ विकास के प्रेरक प.पु. गच्छाधिपति आचार्यश्री विजय अभयदेव सूरीश्वरजी म.सा. को प्रदान की गई। प्रवर समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह निर्णय गच्छाधिपति आचार्यश्री हेमचंद्र सूरीश्वरजी म.सा., गच्छाधिपति आचार्यश्री विजय जयघोष सूरीश्वरजी म.सा., गच्छाधिपति आचार्यश्री विजय अभयदेव सूरीश्वरजी म.सा, गच्छाधिपति आचार्यश्री दौलतसागर सूरीश्वरजी म.सा., वडील आचार्यश्री पद्मसागर सूरीश्वरजी म.सा. सहित देश भर में चतुर्मासार्थ विराजित आचार्य म.सा. सहित श्रावक समिति के वसंतभाई के साथ जाकर विनंती की व लिखित स्वीकृति प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया। तत्पश्चात राजनगर अमदावाद में दिनांक २३/१०/१६ को आयोजित प.पु. तपागच्छाधिपति आचार्यश्री विजय प्रेमसूरीश्वरजी म.सा. की गुणानुवाद सभा में तपागच्छ प्रवर समिति ने रिक्त हुए सर्वाेच्च वडील स्थान हेतु तपागच्छ नायक के रूप में उपरोक्त नामों की घोषणा आनंदजी-कल्याणजी पेढ़ी के अध्यक्ष संवेगभाई ने विविध समुदायों की उपस्थिति में की, जिसका सभी तपागच्छ संघों ने स्वागत किया। समिति व संघ के आदेश को शिरोधार्य करते हुए प.पु. आचार्यश्री अभयदेव सूरीश्वरजी म.सा. ने कहा कि जिनशासन की शोभा बढ़ाने और विकास की ओर हम गतिमान हो इसका प्रयास किया जाएगा। प्रवर समिति ने मुझ पर विश्वास कर जो जिम्मेदारी दी है, उसे भली-भांति पूर्ण करने का हर प्रयास करूँगा। ज्ञात हो गच्छाधिपति आचार्यश्री अभयदेव सूरीश्वरजी म.सा. की प्रेरणा व मार्गदर्शन में पालीताना शहर का नूतनीकरण हुआ तथा वर्तमान में श्री शंखेश्वर तीर्थ में यह कार्य जारी है।
Post Page Advertisement [Top]
आचार्य मनोहरकीर्तिसागर नये तपागच्छाधिपति एवं अभयदेवसूरी होंगे कार्यवाहक प्रमुख
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment