मुलुंड/गोडवाड ज्योती: श्री सर्वोदय पाश्र्वनाथ जिनालय मुलुंड की विरल धन्य धरा पर राष्ट्रसंत प.पू. आचार्यश्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में उपधान तप के बाल तपस्वियों का भव्यातिभव्य वरघोडा निकाला गया एवं उसके पश्चात पूज्य गुरूदेवश्री के वृहद् हस्तों से सभी बाल-आराधको को मोक्ष माला प्रदान की गई। इस अवसर पर गुरूदेवश्री ने बताया कि शासन के शास्त्रों अनुसार जो व्यक्ति उपधान तप की आराधना कर लेता है, वह नवकार मंत्र की आराधना का सच्चा हकदार होता है। इन सभी बाल तपस्वी एवं इनके परिवारजन की जितनी अनुमोदना की जाए कम होगी क्योंकि छोटी उम्र से ही धर्म के प्रति आस्था एवं लगाव के साथ मन की मक्कमता के साथ तप आराधना को पूर्ण की है। वैसे तो यह आराधना ४७ दिन की होती है लेकिन बच्चों की पढाई आदि की अनुकूलता के अनुसार १८-१८ दिन की तीन बार विधिविधान आदि क्रियाओं के साथ यह तप पूरा करने पर भी ४७ दिन के एक साथ होने वाले उपधान के समान माना जाता है। इस पावन वेला में मुनिश्री हरिशचंद्रसागरजी म.सा., मुनिश्री पुष्पचंद्रसागरजी म.सा., मुनिश्री मननचंद्रसागरजी म.सा. एवं विदुषी साध्वीश्री कल्पिताश्रीजी म.सा., पू. साध्वीश्री चारूताश्रीजी म.सा., साध्वीश्री आशिताश्रीजी म.सा., साध्वीश्री रिशिताश्रीजी म.सा. का पावन सानिध्य रहा। साथ ही इस प्रसंग पर गौवंश एवं पशु बली के पुरजोर विरोधी भारतभर में प्रख्यात हिन्दू संत दिलीप बाबा ने पूज्य गुरूदेवश्री से आर्शिवाद प्राप्त किया। गुरूदेवश्री ने उनके जीवदया के कृत्यों की खूब अनुमोदना की एवं हमेशा सहयोग का वचन दिया। इस मंगल वेला में सर्वोदय पाश्र्वनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के चम्पालाल दौलानी, किरण भेदा, विनोद दोठीया, केवल जैन आदि धर्मानुरागी की गरिमामय उपस्थिती रही। यह जानकारी मिडिया प्रभारी अशोक ताराचंद बड़ाला ने दी।
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