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भारत के साथ करीब 3 महीने से जारी डोकलाम विवाद के बीच चीन ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। हिंद महासागर (Indian Ocean) में चीन की नेवी ने लाइव फायर ड्रिल की है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक पश्चिमी हिंद महासागर में नेवी के बेड़े में शामिल मिसाइल फ्रिगेट जिंगझाउ समेत अन्य जहाजों ने हिस्सा लिया। जंग के असली हालात में नेवी की परफॉर्मेंस बेहतर करने के इरादे से यह ड्रिल की गई।

हिंद महासागर में हाल के वर्षों में चीन की पहली ड्रिल...

- चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि हाल के वर्षों में चीन ने पहली बार हिंद महासागर में एक्सरसाइज की है। हालांकि रिपोर्ट में इस ड्रिल की सटीक लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।
- बीजिंग ने अपनी समुद्री मारक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए यह ड्रिल की, जिसमें डेस्ट्रॉयर चांगछुन, मिसाइल फ्रिगेट जिंगझाउ और सप्लाई वेसल चाहु ने हिस्सा लिया। इस दौरान चीनी जहाजों के बेड़े ने दुश्मन के जहाजों पर हमले, जंग के दौरान पीने के पानी और फ्यूल की सप्लाई का अभ्यास किया।
- बता दें कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम एरिया में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 3 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं।

अब तक 10 देशों की नौसेनाओं के साथ चीन ने की ड्रिल
- रिपोर्ट में चीनी बेड़े के चीफ ऑफ स्टाफ चेन डेनान ने बताया कि ड्रिल का मकसद जंग के असली हालात में अपनी ताकत को परखना था। चीनी जहाजों का ये बेड़ा 6 महीने से एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ओशेनिया के फ्रैंडशिप दौरे पर है। इस दौरान इसने 10 देशों की नौसेनाओं के साथ ज्वाइंट एक्सरसाइज की है। ये बेड़ा 23 अप्रैल से दौरे पर निकला था।

यूएस, जापान, भारत ने की थी मालाबार ड्रिल
- कुछ ही समय पहले अमेरिका और जापान के साथ भारत की नौसेना ने हिंद महासागर में मालाबार नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया था। वहीं चीन की एयरफोर्स ने गुरुवार को लंबी दूरी तक सैन्य अभ्यास किया और यह देर रात तक चला।
- डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि इस तरह की नॉर्मल ड्रिल अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के तहत ही की जाते हैं और यह देश की आम जरूरतों का एक हिस्सा हैं। सैन्य अभ्यास को किसी देश के हस्तक्षेप या दबाव के कारण बंद नहीं किया जाएगा।

चीन ने तिब्बत में भी की थी लाइव फायर ड्रिल
- डोकलाम गतिरोध शुरू होने के बाद सबसे पहले चीन की PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) ने तिब्बत में 11 घंटे की लाइव फायर ड्रिल की थी। सरकारी चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) ने 14 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में इस ड्रिल की जानकारी दी थी। हालांकि एक्सरसाइज का सही समय नहीं बताया था। पीएलए की तिब्बत मिलिट्री कमांड की ब्रिगेड ने इस ड्रिल में हिस्सा लिया था, जो चीन की दो अहम माउंटेन ब्रिगेड में से एक है। इस ड्रिल का वीडियो भी सामने आया था।

क्या है डोकलाम विवाद?
- डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
- इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।

भारत की क्या है चिंता?
- नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा। लिहाजा भारत ने डोकलाम से अपनी सेनाएं बिना शर्त वापस बुलाने की चीन की मांग ठुकरा दी है।

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