*भाईन्दर मे भक्ति का भूकंप*
भाईन्दर के दो अलग-अलग संघो पदमावती नगर और श्री पार्श्व प्रेम मूर्तिपूजक जैन संघ मे संगीत सम्राट बिपीनजी पोरवाल ओर मंच संचालक भरत एन. कोठारी ने आज जो रमझट झमाकर भक्ति का शमा बाँधा दिल बाग-बाग हो गया।
महावीर जन्मवाँचन पर दोपहर को पद्मावती नगर मे खचाखच भरे पंडाल मे जब बिपीनजी पोरवाल के मुखारविन्द से लय सुर ताल से सजी स्वर लहरीयाँ मंच से गुँजी तो पुरा पंडाल तालीयो की गडगडाहट व वन्शमोर के शौर से गुन्ज उठा वाकई क्या हाव क्या भाव और अनुठी आलापयुक्त अदाओ के सुरीले दाव पर भक्तो के पाँव थिरकने लग गऐ ऐसा लग रहा था मानो आज सरस्वती कृपा बरस रही थी व चढावो मे लक्ष्मी रुमझुम करती हुई पद्मावती नगर के सारे चढावो के किर्तीमान को ध्वस्त कर नव ईतिहास की संरक्षणा कर रही थी।
सतत् चार घंटो की मेराथन पारी मे बिपीनजी पोरवाल ने जिस अलबेले अंदाज मे चढावो को चढाया उसकी जितनी अनुमोदना की जाऐ कम है।
यकीनन आज बिपीन पोरवाल खरा सोना साबित हुऐ उन्होने दिखाया की परमात्मा से आत्मा का सीधा साक्षात्कार संगीत के सुरीले सुरो से कैसे किया जाता है। आज दिल की गहराईयो से मे स्वंयम् उनकी प्रतिभा को नमन करते हुऐ आज की भक्ति पर पुरे शतप्रतिशत अंक देकर मनपुर्वक अभिनंदन करता हूँ॥
*भुतड़ा मैदान भाईन्दर का मंच बिपीन पोरवाल के नाम।*
*गुरुदेव नयपद्मसागर ने कहाँ संगीत के सुरीले साज तेरा अद्धभुत है काम*
भूतड़ा ग्राउंड में जब विपिनजी पोरवाल ने गाना शुरू किया तो स्वयं गुरुदेव नयपदमसागरजी भी भक्ति में लीन हो गये।ओर उन्होंने कहाँ की मैने आज दिन तक ऐसी आवाज नही सुनी है।जब विपिनजी ने बेटी वाला गीत गाया तो ग्राउंड में बैठे खचाखच भरे भक्तो ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मे विपिनजी का हौसला बढ़ाया।फिर एक से बढ़कर एक रचना देशभक्ति,प्रभुभक्ति,संदेश गीत की प्रस्तुत की।स्वयं गुरुदेव अंत तक भक्ति में बैठे रहे। साथ ही अवनि जैन ने भी बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर भाजपा से जीते हुए सभी 61 नगरसेवकों का बहुमान किया गया।
श्री पार्श्व प्रेम मूर्तिपूजक तपागच्छ जैन संघ का खूब-खूब आभार
ये भक्ति आने वाले वर्षों तक याद रखी जायेगी
*ललित परमार की कलम से✍*
भूतड़ा ग्राउंड में जब विपिनजी पोरवाल ने गाना शुरू किया तो स्वयं गुरुदेव नयपदमसागरजी भी भक्ति में लीन हो गये।ओर उन्होंने कहाँ की मैने आज दिन तक ऐसी आवाज नही सुनी है।जब विपिनजी ने बेटी वाला गीत गाया तो ग्राउंड में बैठे खचाखच भरे भक्तो ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मे विपिनजी का हौसला बढ़ाया।फिर एक से बढ़कर एक रचना देशभक्ति,प्रभुभक्ति,संदेश गीत की प्रस्तुत की।स्वयं गुरुदेव अंत तक भक्ति में बैठे रहे। साथ ही अवनि जैन ने भी बहुत ही सुंदर प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर भाजपा से जीते हुए सभी 61 नगरसेवकों का बहुमान किया गया।
श्री पार्श्व प्रेम मूर्तिपूजक तपागच्छ जैन संघ का खूब-खूब आभार
ये भक्ति आने वाले वर्षों तक याद रखी जायेगी
*ललित परमार की कलम से✍*
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