पढ़ें इस कपल की Love Story...
- डॉ. विनोद पुत्र गिरधारीलाल जांगिड़ आईआईटी इलाहाबाद में थिसिस डिप्लोमा के बाद मैरी क्यूरी फैलोशिप के लिए अर्ली स्टेज रिसर्च के लिए 2006 में जर्मनी गए थे।
- 2010 से 14 तक जर्मनी के आखन एवं डोंडर्स इंस्टीट्यूट नीदरलैंड में काम किया। 2014 में मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट में रिसर्च कर न्यूरो साइंस में ब्रेन पर पीएचडी की।
- विनोद ने बताया कि उसकी मुलाकात 2006 में जर्मनी में हैलोबीन पर्व पर यूनिवर्सिटी में आयोजित भाषा एक्सचेंज कार्यक्रम में टीचर मैलानी से हुई थी।
- मैलानी को अंग्रेजी और उसे जर्मन सीखनी थी। भाषा सीखने की उत्सुकता मुलाकातों में बढ़ गई।
- कई वर्षों तक चाय-काॅफी के साथ मुलाकातें चलती रहीं। 2010 में एक दिन मैलानी ने शादी का प्रस्ताव रखा लेकिन अलग धर्म होने की वजह से कोई फैसला नहीं ले सके। अब परिवार की हां के बाद 16 अगस्त को शादी के बंधन में बंध गए।
शादी की रस्मों से खुश हुई मैलानी
- मैलानी 10 अगस्त को विनोद तथा अपने दोस्तों मार्कोस, यामिनी, मुनीष सुमित के साथ श्रीकरणपुर पहुंची।
- इसके बाद यहां शादी की रस्में शुरू हुईं। मैलानी ने मेहंदी, बान, रातीजोगा, वरमाला, पार्टी और फेरों आदि की सभी रस्में बखूबी निभाईं।
- मैलानी ने बताया कि उसके मन में भारत के कल्चर को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां थीं जो यहां आकर सब दूर हो गईं।
- अब मैलानी हिंदी भी सीख रही हैं। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करती है। परिवार के अन्य सदस्यों विनोद के पिता गिरधारी लाल, बड़े भाई जेपी मनोज जांगिड़ सहित पूरा परिवार खुश है। दंपती सितंबर में जर्मनी चले जाएंगे।
- डॉ. विनोद पुत्र गिरधारीलाल जांगिड़ आईआईटी इलाहाबाद में थिसिस डिप्लोमा के बाद मैरी क्यूरी फैलोशिप के लिए अर्ली स्टेज रिसर्च के लिए 2006 में जर्मनी गए थे।
- 2010 से 14 तक जर्मनी के आखन एवं डोंडर्स इंस्टीट्यूट नीदरलैंड में काम किया। 2014 में मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट में रिसर्च कर न्यूरो साइंस में ब्रेन पर पीएचडी की।
- विनोद ने बताया कि उसकी मुलाकात 2006 में जर्मनी में हैलोबीन पर्व पर यूनिवर्सिटी में आयोजित भाषा एक्सचेंज कार्यक्रम में टीचर मैलानी से हुई थी।
- मैलानी को अंग्रेजी और उसे जर्मन सीखनी थी। भाषा सीखने की उत्सुकता मुलाकातों में बढ़ गई।
- कई वर्षों तक चाय-काॅफी के साथ मुलाकातें चलती रहीं। 2010 में एक दिन मैलानी ने शादी का प्रस्ताव रखा लेकिन अलग धर्म होने की वजह से कोई फैसला नहीं ले सके। अब परिवार की हां के बाद 16 अगस्त को शादी के बंधन में बंध गए।
शादी की रस्मों से खुश हुई मैलानी
- मैलानी 10 अगस्त को विनोद तथा अपने दोस्तों मार्कोस, यामिनी, मुनीष सुमित के साथ श्रीकरणपुर पहुंची।
- इसके बाद यहां शादी की रस्में शुरू हुईं। मैलानी ने मेहंदी, बान, रातीजोगा, वरमाला, पार्टी और फेरों आदि की सभी रस्में बखूबी निभाईं।
- मैलानी ने बताया कि उसके मन में भारत के कल्चर को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां थीं जो यहां आकर सब दूर हो गईं।
- अब मैलानी हिंदी भी सीख रही हैं। प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करती है। परिवार के अन्य सदस्यों विनोद के पिता गिरधारी लाल, बड़े भाई जेपी मनोज जांगिड़ सहित पूरा परिवार खुश है। दंपती सितंबर में जर्मनी चले जाएंगे।

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