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नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन योजना पर इसी महीने काम शुरू होने वाला है। भारत और जापान के पीएम 13 से 15 सितंबर के बीच अहमदाबाद में इसकी नींव रखेंगे। 17 सितंबर को मोदी का जन्मदिन है और 21 को जापान के पीएम शिंजो आबे का। दोनों के जन्मदिन के बीच किसी तारीख को इसका इनॉगरेशन हो सकता है। 508 किमी रूट वाली बुलेट ट्रेन को दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, पर अब 15 अगस्त 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी साल आजादी के 75 साल हो रहे हैं। प्रोजेक्ट में पहली बार देश में समुद्र के नीचे पटरी बिछाई जाएगी। ठाणे-मुंबई के बीच 7 km का ये रास्ता समुद्र के नीचे होगा। 
जापानी और भारतीय कंपनी ही कर पाएंगी काम...

- बुलेट ट्रेन की ट्रेनिंग के लिए वडोदरा में ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा।
- सिग्नलिंग और पटरी बिछाने का काम जापान करेगा। बाकी काम के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। करार के तहत सिर्फ जापानी या भारतीय कंपनियां ही हिस्सा ले सकती हैं।
- रेलवे के मुताबिक पहले हफ्ते से ही रोज 36000 यात्री सफर करेंगे।
- मुंबई-अहमदाबाद की मौजूदा 6-7 घंटे की यात्रा बुलेट ट्रेन से 2.07 घंटे की रह जाएगी।

नए रेल मंत्री ने बुलेट प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने को कहा
- रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुलेट ट्रेन पर अब तक के काम की समीक्षा की। साथ ही समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया। उनके आने के बाद माना जा रहा है कि 2022 तक काम पूरा होगा।
- आजादी के 75 साल पूरा होने पर देश को तोहफा देने के लिए एक साल पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की कवायद हो रही है।

बुलेट ट्रेन एक नजर
- 07 किमी रूट समुद्र के नीचे होगा।
- 508 किमी कुल रूट होगा बुलेट ट्रेन का।
- 350 किमी/घंटे अधिकतम रफ्तार होगी
- 12 स्टेशन मुंबई से अहमदाबाद के बीच होंगे। हर स्टेशन पर 2.45 मिनट का स्टाॅप।
- कुल 21 किमी लंबा सुरंग मार्ग ठाणे-मुंबई के बीच, जिसमें से 7 किमी मार्ग समुद्र के नीचे होगा।

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