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आचार्य भिक्षु के 215 वे चारमोत्सव पर श्रद्धाभिवंदना समर्पिक करते हुए। आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी निर्वाण श्रीजी ने कहा आचार्य भिक्षु ने भगवान महावीर के सिद्धन्तो को प्रयोग की भूमि पर उतारा। उन्होंने युग को नया दिशादर्शन दिया। इसके लिए प्रबल विरोध को सहा पर वे अपने लक्ष्य के प्रति अबाध गति से आगे बढ़ते रहे। अभाव उनके संकल्प को विचलित नही कर सके। विरोध औऱ अभाव के बावजूद उन्होंने साहित्य सृजन कर मानवता का पथ दर्शन किया। डॉ साध्वी योगक्षेमप्रभा जी ने अपने वक्तव्य में कहा भगवान महावीर की शाश्वतवाणी का असर घोष आचार्य भिक्षु के सिद्धन्तो में मुखर है। उनके सिद्धन्तो को आत्मसात करके ही हम उनके प्रति अपनी सच्ची श्रद्धांजलि समर्पित कर सकते है।


धम्म जागरण के अवसर पर अपनी सुमधुर स्वर लहरी को बिखरते हुए चेन्नई के समागत संगायक नवीन बोहरा ने दो घंटे तक ऐसा समा बांधा की श्रोता भक्तिरस से आप्लावित हो गए। पूज्यवरो एवं उनके गीतकारों द्वारा रचित गीतों की ऐसी मनभावन प्रस्तुति दी कि श्रोताओं के अंतर ह्रदय भंकृत हो मुखर हो उठा। सबने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। धम्म जागरण का क्रम रात्रि 8 बजे से 11.30 तक अविराम चला। इस अवसर पर साध्वी लावण्य प्रभा जी संगायक दीपक बोहरा, ने सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। रचना वडला, श्रेया चपलोत ने भावपूर्ण गीतों का संगान किया। इस पुण्य तिथि पर प्रातः 6 से साय 7 बजे तक 13 घन्टे तक अखण्ड जप का क्रम रहा। इसमें बहिनों के साथ युवको एवं कन्याओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही । सैकड़ो श्रद्धालुओं भाई बहिनो ने उपवास व्रत की आराधना कर तपोमय श्रद्धाजंलि समर्पित की। स्थानीय तेयुप के अध्यक्ष लोकेश डाँगी ने कुशलता पूर्वक मंच संचानल किया। आभार ज्ञापन तेयुप के मंत्री राकेश वडला ने किया। कार्यक्रम समायोजन में सुरेश राठौड़, राजेश धाकड़, नरेश बाफना, आदि का सक्रिय सहयोग रहा । दो दिन चले इस कार्यक्रम में अनेक वक्ताओ ने अपने विचार व्यक्त किए।

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