घाटकोपर हादसे के बाद जागा प्रशासन
मुंबई : आप अपने घर में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं और बिना बीएमसी अनुमति के काम आगे शुरू करने की सोच रहे हैं तो सतर्क रहिएगा। आपकी यह लापरवाही आपको लंबे समय के लिए जेल में पहुंचा सकती है। जी हां, अब इस तरह के मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगेंगी, जिसके लिए आवश्यक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। घाटकोपर की साई-सिद्धि इमारत ढहने के बाद बनी जांच रिपोर्ट में इस बदलाव की सिफारिश की थी। बीएमसी कमिश्नर अजय मेहता द्वारा इस सिफारिश को मंजूरी के साथ आवश्यक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।
टेक्निकल असिस्टेंट रखेंगे नजर
हर प्रभाग में तैनात होने वाले टेक्निकल असिस्टेंट निर्माण कार्य पर नजर रखेंगे। यानी, इलाके में जहां भी काम हो रहा होगा, वह जाकर वहां की रिपोर्ट दे देंगे। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इससे पहले इस पद पर तैनात मुकादम कई सालों से भरे नहीं गए थे। अब इनका नाम बदलने के साथ ही नई नियुक्ति भी शुरू हो गई है। यह एक तरह से ‘खबरी’ की भूमिका में होते हैं।
खुद ही चला जाएगा नोटिस
जर्जर इमारतों पर निगरानी रखने के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है। जिससे पुरानी इमारतों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इस संदर्भ में डेटा भी इकट्ठा कर सिस्टम में लोड किया जा रहा है। गौरतलब है कि कई बार वॉर्ड के पास सतर्कता न रखने पर जर्जर इमारत से नजर चूक जाती है। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
टेक्निकल असिस्टेंट रखेंगे नजर
हर प्रभाग में तैनात होने वाले टेक्निकल असिस्टेंट निर्माण कार्य पर नजर रखेंगे। यानी, इलाके में जहां भी काम हो रहा होगा, वह जाकर वहां की रिपोर्ट दे देंगे। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे। इससे पहले इस पद पर तैनात मुकादम कई सालों से भरे नहीं गए थे। अब इनका नाम बदलने के साथ ही नई नियुक्ति भी शुरू हो गई है। यह एक तरह से ‘खबरी’ की भूमिका में होते हैं।
खुद ही चला जाएगा नोटिस
जर्जर इमारतों पर निगरानी रखने के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है। जिससे पुरानी इमारतों पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इस संदर्भ में डेटा भी इकट्ठा कर सिस्टम में लोड किया जा रहा है। गौरतलब है कि कई बार वॉर्ड के पास सतर्कता न रखने पर जर्जर इमारत से नजर चूक जाती है। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
छोटे काम के लिए मंजूरी नहीं
आपके घर में प्लास्टर, पेटिंग, टाइलिंग इत्यादि काम के लिए बीएमसी से किसी भी प्रकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है। कई बार इन कामों के लिए भी लोगों को मंजूरी लेने के लिए डराया जाता है। हालांकि, दीवार से किसी भी प्रकार के छेड़छाड़ या बड़े बदलाव के लिए मंजूरी जरूरी होती है।
ऐक्ट में बदलाव पर सहमति बन गई है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।
- वरिष्ठ अधिकारी, बीएमसी
सोसायटी से भी मंजूरी आवश्यक
घर में दीवार तोड़ने या बदलाव के लिए सबसे पहले सोसायटी से एनओसी लेनी पड़ेगी। उसी आधार पर बिल्डिंग प्रपोजल (बीपी) विभाग से मंजूरी ऑनलाइन मिल सकेगी। हालांकि, यह प्रक्रिया कुछ महीनों पहले से ही शुरू है लेकिन तमाम लोग अनुमति के बिना ही काम शुरू कर देते हैं। सोसायटी द्वारा अनुमति न मिलने पर वह काम शुरू ही नहीं हो पाएगा। गौरतलब है कि बिल्डिंग में काम शुरू करने पर सबसे पहले सोसायटी को ही पता चलता है। घाटकोपर में शितप द्वारा बिना किसी मंजूरी के काम करवाया जा रहा था। ऐसे मामलों में सोसायटी खुद ही बीएमसी के पास शिकायत दर्ज करा सकती है। सोसायटी की सतर्कता भी ऐसे हादसों को टालने में सहायक होती है। कुछ सदस्य दबंगई के दम पर अक्सर अनुमति लेने से कन्नी काटते हैं।
आपके घर में प्लास्टर, पेटिंग, टाइलिंग इत्यादि काम के लिए बीएमसी से किसी भी प्रकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है। कई बार इन कामों के लिए भी लोगों को मंजूरी लेने के लिए डराया जाता है। हालांकि, दीवार से किसी भी प्रकार के छेड़छाड़ या बड़े बदलाव के लिए मंजूरी जरूरी होती है।
ऐक्ट में बदलाव पर सहमति बन गई है। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।
- वरिष्ठ अधिकारी, बीएमसी
सोसायटी से भी मंजूरी आवश्यक
घर में दीवार तोड़ने या बदलाव के लिए सबसे पहले सोसायटी से एनओसी लेनी पड़ेगी। उसी आधार पर बिल्डिंग प्रपोजल (बीपी) विभाग से मंजूरी ऑनलाइन मिल सकेगी। हालांकि, यह प्रक्रिया कुछ महीनों पहले से ही शुरू है लेकिन तमाम लोग अनुमति के बिना ही काम शुरू कर देते हैं। सोसायटी द्वारा अनुमति न मिलने पर वह काम शुरू ही नहीं हो पाएगा। गौरतलब है कि बिल्डिंग में काम शुरू करने पर सबसे पहले सोसायटी को ही पता चलता है। घाटकोपर में शितप द्वारा बिना किसी मंजूरी के काम करवाया जा रहा था। ऐसे मामलों में सोसायटी खुद ही बीएमसी के पास शिकायत दर्ज करा सकती है। सोसायटी की सतर्कता भी ऐसे हादसों को टालने में सहायक होती है। कुछ सदस्य दबंगई के दम पर अक्सर अनुमति लेने से कन्नी काटते हैं।

No comments:
Post a Comment