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आर्थिक स्थिति के मामले में वर्ष 2017 आपके लिए कैसा रहा? क्या आप किसी महत्वपूर्ण तारीख को भूल गए या फिर आपके आलस की वजह से ऐसा हुआ? जीवन को आसान बनाने के लिए पैसे का भी महत्व होता है। जानें फाइनैंशल इयर 2018 में आप कैसे आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तारीखों का ख्याल रख सकते हैं...


जनवरी
- बचत के लिहाज से अपने आर्थिक लक्ष्यों को साल की शुरुआत में ही तय करें।
- अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की समीक्षा करें। यदि आपकी कोई फाइनैंशल डेडलाइन 2018 में आ रही है तो यह जरूर देखें कि आप अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं या नहीं। इंश्योरेंस प्रीमियम, प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की तारीखों को याद रखने के लिए रीमाइंडर सेट करें। इसके अलावा लेट फीस से बचने के लिए बिजली-पानी और क्रेडिट कार्ड के बिल को समय से अदा करें।
- अपने टैक्स सेविंग्स प्रूफ को सेफ रखें और एचआर के पास समय से जमा करा दें ताकि टैक्स की बहुत कटौती न हो।

फरवरी

- बजट की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है लेकिन फरवरी के पहले सप्ताह में ही इसे पेश किए जाने की संभावना है। बजट पेश होते ही टैक्सेशन और इन्वेस्टमेंट से जुड़ी जानकारियों को सहेज लें।

- एंप्लॉयर के पास से आप समय रीइंबर्समेंट क्लेम कर लें ताकि भविष्य में इन पर आपको टैक्स न चुकाना पड़े। यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो बाद में आपको इन पर टैक्स देना पड़ सकता है।

मार्च
15 मार्च: यह फाइनैंशल इयर 2017-18 के अडवांस टैक्स के लिए फाइनल इंस्टॉलमेंट की तारीख है।
31 मार्च: अपनी टैक्स सेविंग और इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को पूरा कर लें।
31 मार्च: आधार कार्ड को विभिन्न सेवाओं से लिंक कराने की अंतिम तारीख।

अप्रैल
- 1 अप्रैल से बजट की सभी सिफारिशें लागू हो जाएंगी।
- स्कूल का नया सेशन शुरू होगा। बच्चों की फीस और किताबों की खरीद के लिए पैसे जुटाकर रखें।
- 5 अप्रैल से पहले पीपीएफ अकाउंट में राशि जमाकर अधिक ब्याज का लाभ लें।
- गर्मियों की छुट्टियों पर घूमने की प्लानिंग करना शुरू कर दें ताकि आखिरी वक्त में अधिक खर्च न करना पड़े।
- 18 अप्रैल: यह अक्षय तृतीया का दिन होगा, जिसे सोने की खरीद के लिए अच्छा माना जाता है।

मई
- अप्रैल में इंक्रीमेंट का सीजन शुरू होता है और ज्यादातर लोगों को यह मई में मिलना शुरू होता है। यदि आपकी कंपनी आपको बोनस देती है तो उसे अपने कर्ज को चुकाने या फिर आपातकालीन जरूरतों के लिए बचाकर रखें।
- यदि आपकी सैलरी बढ़ती है तो यह ध्यान रखें कि इससे आपकी टैक्स प्लानिंग पर क्या असर होगा। अपनी टैक्स सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट्स की प्लानिंग करें।
- यदि आपके लोन की ईएमआई अधिक है तो फिर एमसीएलआर रीसेट होने की डेट को याद रखें।

जून
15 जून: असेसमेंट इयर 2019-2020 के लिए अडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा कराने की आखिरी तारीख।
- 15 जून के बाद आईटीआर की फाइलिंग के लिए फॉर्म 16 और 16ए कलेक्ट कर लें।

जुलाई
31 जुलाई: असेसमेंट इयर 2018-19 के लिए आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख। डेडलाइन से कुछ दिन पहले ही ऑनलाइन फाइल करें। यदि आप इसे मिस करते हैं तो आपको कुछ लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है।
- इस असेसमेंट इयर से इनकम टैक्स रिटर्न की फाइलिंग में देरी करने पर 10,000 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ सकता है।

अगस्त
अपने फाइनैंशल अडवाइजर से मिड-इयर सलाह जरूर लें।
15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के बाद 17 को पारसी न्यू इयर होगा। इस दौरान आप लंबी छुट्टियां ले सकते हैं। इसके अलावा 22 अगस्त को बकरीद और 26 अगस्त को ओणम है, इस बीच भी आप लंबी छुट्टी ले सकते हैं।

सितंबर
15 सितंबर: अडवांस टैक्स की दूसरी किस्त जमा करने की आखिरी तारीख। यदि आपने अब तक कोई टैक्स सेविंग स्कीम नहीं शुरू की है तो फेस्टिव सीजन से पहले ऐसा करें।
- इस पर नजर रखें कि आपकी आईटीआर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने प्रॉसेस किया या फिर नहीं। यदि आपको रिफंड मिलना है तो उसका भी ध्यान रखें।

अक्टूबर
- 19 तारीख को दशहरे के साथ फेस्टिव सीजन की शुरुआत होगी। यदि आप अधिक खर्च से बचना चाहते हैं तो फेस्टिव सीजन का अपना बजट तैयार करें।
- अपने तय बजट पर बने रहें।

नवंबर
दीपावली एंजॉय करें। फेस्टिवल्स मनाएं, लेकिन अपने बजट से बाहर न जाएं।

दिसंबर
दिसंबर 15: अडवांस टैक्स की तीसरी किस्त चुकाने की आखिरी तारीख।
- अपने पूरे साल के खर्च, निवेश और टैक्स सेविंग्स की समीक्षा करें।

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