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रियल एस्टेट डिवेलपर जेपी असोसिएट्स अपने पांच होटल और रिजॉर्ट्स को बेच सकता है। इस बिक्री से कंपनी को 2,500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने यह जानकारी दी है। इस सौदे में रुचि दिखाने वाले पार्टियों के लिए कंपनी ने 'प्रॉजेक्ट प्लूटो' नाम से एक इन्फर्मेशन मेमोरैंडम तैयार किया है। जेपी ग्रुप के पास दिल्ली में वसंत कॉन्टिनेन्टल, जेपी सिद्धार्थ, आगरा में जेपी पैलेस होटल ऐंड कन्वेंशन सेंटर, मसूरी में जेपी रेजिडेंसी मैनर और ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स रिजॉर्ट्स के नाम से प्रॉपर्टीज है।

इस बारे में इकनॉमिक टाइम्स के द्वारा पूछे जाने के पर जेपी होटल्स ऐंड रिजॉर्ट्स के प्रवक्ता ने ऐसे किसी भी सौदे के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैसे जमा कराने के आदेश के बाद कंपनी ने यह योजना बनाई है। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जेपी असोसिएट्स लिमिटेड से कहा है कि वह 25 जनवरी 2018 तक सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 125 करोड़ रुपये जमा कराए। सुप्रीम कोर्ट के पहले आदेश के मुताबिक जेपी को 31 दिसंबर तक ये रकम जमा करानी थी।

2,000 करोड़ रुपये जमा करे जेपी ग्रुपः सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जेपी असोसिएट्स अभी तक 425 करोड़ रुपये जमा करा चुकी है। साथ ही 125 करोड़ और जमा कराने थे मामले की सुनवाई के दौरान जेपी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा गया कि उन्हें ये रकम जमा कराने के लिए दो महीने का वक्त दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई के दौरान जेपी के वकील से कहा कि जेपी इस मामले में 25 जनवरी तक 125 करोड़ जमा कराएं।

अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 1 फरवरी की तारीख तय कर दी है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने जेपी को 14 दिसंबर को 150 करोड़ व 31 दिसंबर को 125 करोड़ रुपये की रकम जमा करने के निर्देश दिए थे। फर्म की तरफ से दिए गए 275 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट को भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जेपी ग्रुप को 2,000 रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट कंपनी के खिलाफ इनसॉल्वेंसी रेजॉलूशन प्रोसिडिंग्स पर लगी रोक भी हटा चुका है।

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