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सरकार ने कंपनियों को नए एमआरपी स्टिकर के साथ प्रोडक्‍ट बेचने की समयसीमा दिसंबर से बढ़ाकर मार्च 2018 कर दी है। यानी अब कंपनियां मार्च 2018 तक अनसोल्ड पैकेज्ड प्रोडक्ट नए प्राइस स्टिकर लगाकर बेच सकती हैं। जीएसटी काउंसिल ने नंवबर में 178 प्रोडक्ट पर टैक्स रेट घटाया था।

सरकार ने बढ़ाई समयसीमा
कन्ज्यूमर अफेयर्स मिनिस्टर रामविलास पासवान ने कहा कि कंपनियां पुराने अनसोल्ड स्टॉक पर नए एमआरपी का स्टिकर लगाकर मार्च 2018 तक बेच सकती है। नवंबर में जीएसटी काउंसिल ने 200 प्रोडक्ट की कीमतों पर टैक्स रेट रिवाइज किया था तो मिनिस्ट्री ने लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स 2011 के तहत नए प्राइस के स्टिकर के साथ प्रोडक्ट बेचने की इजाजत दे दी थी। अभी तक जीएसटी के तहत दिसंबर तक कंपनियों को अनसोल्ड स्टॉक पर नया स्टिकर लगाकर बेचने की इजाजत दी थी जिसे मार्च 2018 कर दिया है।

GST काउंसिल ने घटाया था टैक्स रेट

जीएसटी काउंसिल ने बड़ी राहत देते हुए 211 आइटम्स पर टैक्स स्लैब में कमी की थी। करीब178 आइटम्स को 28 फीसदी से 18 फीसदी की केटगरी में कर दिया। इसके अलावा हर तरह के रेस्टोरेंट्स के लिए टैक्स स्लैब 5 फीसदी कर दिया, ताकि लोगों के लिए घर से बाहर खाना सस्ता हो जाए।

रेट कट नहीं करने वालों पर सरकार की नजर
लोगों को जीएसटी रेट कट का फायदा मिल रहा है या नहीं इसके लिए पासवान ने अधिकारियों को नए एमआरपी स्टिकर लगाए जाने की जांच करने के लिए कहा था। सरकार चाहती है उन्होंने जीएसटी में जो रेट कट किए हैं उसका फायदा कस्टमर को मिले। इससे पहले सरकार बड़ी फूड चेन पर प्राइस बढ़ाने को लेकर काफी सख्त हुई थी। सरकार ने बड़ी फास्ट फूड चेन को जीएसटी रेट कट से पहले और बाद के प्राइस की डिटेल देने के लिए भी कहा।

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