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मुंबई – मुंबई के रानीबाग़ उद्यान के नजदीक पोरवाल जैन समाज का ऐतिहासिक भवन बनने जा रहा है| उस भवन को बनाने के लिए समाज द्वारा एक स्नेह समारोह का आयोजन किया गया था जिसमें समाज के भामाशाहों ने दिलखोल तन-मन-धन से सहयोग किया| इस स्नेह मिलन समारोह में समाज के भामाशाहों का बुके व हार द्वारा बहुमान किया गया था|इस स्नेह मिलन समारोह में तारक मेहता का उल्टा चश्मा के कलाकार श्री शैलेश लोढ़ा पधारे थे| समाज के लोगों ने उनकी खूब खूब अनुमोदना की| पोरवाल भवन समाज के लिए ऐतिहासिक आधुनिक मिशाल बनेगा जो आने वाले समय में अगली पीढ़ी को एक मंच पर लाएगा| समाज को उन्नति में पीढ़ियों को एकत्रित करने में यह भवन अपनी विशिष्ट भूमिका निभाएगा|

पोरवाल भवन का संक्षिप्त विवरण –
– वर्तमान गौरवशाली पोरवाल समाज का स्वर्णिम अध्याय यानी पोरवाल भवन , प्रगति का नया सोपान यानी पोरवाल भवन |

– वर्तमान में जो गौरव , मान , समृद्धि, प्रतिष्ठा, कीर्ति, पोरवाल समाज के पास है तो उनके गुरुभगवंतों व पूर्वजों के आशीर्वाद व आज की पीढ़ी की कड़ी मेहनत से है|

– पोरवाल समाज ने सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल करते हुए देश-विदेश में विजय का परचम लहराया है|
– इसी मान-समान, संस्कृति, वैभव समृद्धि को आने वाली पीढ़ियों तक बरकरार रखने का प्रयास है पोरवाल भवन |

– साथ ही देश-विदेश में बस रहे सभी पोरवाल समाज के साधार्मिकों को एक ही एकता सूत्र में बांधने का प्रयास है पोरवाल भवन|

– जिससे पोरवाल समाज के सर्व वर्ग के श्रावकों के प्रगति में ओर उत्थान में सहायक बन सके जिसमें जैन धर्म की महानता गौरव संस्कृति का बढ़ाने बचाने, संत महात्माओं के सानिध्य व साधार्मिक की प्रगति में सहयोगी बनने का उत्तम अवसर मिल सके इसलिए इस पोरवाल भवन के सभी निर्माण सहयोगी स्वर्ण स्तंभ, सिल्वर स्तंभ की मई अंत से अनुमोदना करता हूँ , जिन्हों लक्ष्मी का सदुपयोग कर इतना बड़ा लाभ लिया|

– स्वयं के बारे में सभी सोचते है पर स्वयं से परे पर का सोचने वाले विरले होते है| यही है परहित मना पोरवाल भवन के सहयोगी स्वर्ण व सिल्वर स्तंभ जिन्होनें तन-मन-धन से इस कार्य का बीढा उठाया| अपनी लक्ष्मी का सदुपयोग जिनशासन को प्रगति और मानवहित में करने जा रहे है|


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