गोडवाड ज्योति: आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक मनीष कुमार जैन को सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया| विदित हो कि वे एसएस मूंदड़ा की जगह लेंगे| सरकार ने RBI के डिप्टी गवर्नर के पद के लिए विज्ञापन दिया था और प्रतिक्रिया में 40 आवेदन प्राप्त हुए थे| मूंदड़ा का तीन साल का कार्यकाल पिछले साल जुलाई में खत्म हो गया था| वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने ट्वीट कर कहा कि सरकार ने अनुभवी बैंकर महेश कुमार जैन को तीन वर्ष के लिए आरबीआई का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है| जैन आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं| इस समय आरबीआई में अन्य डिप्टी गवर्नर विरल वी. आचार्य, एन. एस. विश्वनाथन और बी. पी. कानूनगो हैं| इस पद के लिए पिछले साल 29 जुलाई को भी साक्षात्कार हुए थे लेकिन सरकार ने इस साल जनवरी में फिर से प्रक्रिया शुरु करने का निर्णय किया था| आरबीआई के डिप्टी गवर्नर को सवा दो लाख रुपये का तय मासिक वेतन और अन्य भत्ते दिए जाते हैं|
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली खोज समिति ने 10 मई को इस पद के लिए उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया था| उम्मीदवारों में तीन वरिष्ठ भी शामिल थे| इस समिति में आरबीआई गवर्नर, वित्तीय सेवा सचिव और कुछ अन्य स्वतंत्र सदस्य भी शामिल होते हैं| जैन के पास बैंकिंग क्षेत्र में काम करने का 30 साल का अनुभव है| वह मार्च 2017 से आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक हैं| इससे पहले नवंबर 2015 में उन्हें इंडियन बैंक का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था| जैन बैंकिंग क्षेत्र की कई समितियों में भी शामिल रहे हैं, जिनमें बसंत सेठ समिति प्रमुख है| यह समिति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऑडिट प्रणाली की आंतरिक और समवर्ती समीक्षा और संशोधन के लिए गठित की गई थी| आरबीआई अधिनियम के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए| इनमें से दो के पास यह रैंक होगा और एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होना चाहिए| अर्थशास्त्री बैंक के भीतर मुद्रा नीति विभाग का प्रमुख होता है|
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली खोज समिति ने 10 मई को इस पद के लिए उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया था| उम्मीदवारों में तीन वरिष्ठ भी शामिल थे| इस समिति में आरबीआई गवर्नर, वित्तीय सेवा सचिव और कुछ अन्य स्वतंत्र सदस्य भी शामिल होते हैं| जैन के पास बैंकिंग क्षेत्र में काम करने का 30 साल का अनुभव है| वह मार्च 2017 से आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक हैं| इससे पहले नवंबर 2015 में उन्हें इंडियन बैंक का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था| जैन बैंकिंग क्षेत्र की कई समितियों में भी शामिल रहे हैं, जिनमें बसंत सेठ समिति प्रमुख है| यह समिति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऑडिट प्रणाली की आंतरिक और समवर्ती समीक्षा और संशोधन के लिए गठित की गई थी| आरबीआई अधिनियम के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए| इनमें से दो के पास यह रैंक होगा और एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होना चाहिए| अर्थशास्त्री बैंक के भीतर मुद्रा नीति विभाग का प्रमुख होता है|

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