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भोपाल।
पतंजलि योग संस्थान के प्रमुख योगगुरु बाबा रामदेव ने मध्यप्रदेश के इंदौर में वैश्विक निवेशक सम्मेलन (ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट) के उद्घाटन समारोह में एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कभी अमेरिका ने उन्हें वीजा देने से मना कर दिया था, मगर बाद में उन्हें 10 वर्ष का वीजा दिया गया।
बाबा रामदेव ने वीजा न मिलने की वजह का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वह अविवाहित हैं और बैंक में उनका खाता भी नहीं है। इसलिए अमेरिका ने उन्हें वीजा नहीं दिया था। जब उन्हें युनाइटेड नेशन को संबोधित करने जाना था, तब उन्हें वीजा दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि भारत में दुनिया से 25 लाख करोड़ का आयात होता है, हमारे देश में इस बात का सामथ्र्य है कि हम इससे ज्यादा निर्यात कर सकते हैं। भारत दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है, मध्यप्रदेश में भी मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की क्षमता है।
रामदेव ने कहा कि वह जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में बड़ा काम करना चाहते हैं। मध्यप्रदेश में भी बड़ा निवेश करने के लिए प्रयासरत हैं, मगर राज्य के उद्योग विभाग ने तो उन्हें मात्र 45 एकड़ जमीन ही उपलब्ध कराई है।
इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में शनिवार को दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का उद्घाटन वित्तमंत्री अरुण जेटली ने किया। इस मौके पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, इस्पात मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे।

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