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जैसलमेर की लोक संस्कृति के रंग फ्रांस के सैलानियों की पहली पसंद वर्षों से बने हुए है जैसलमेर में फ्रांस के सैलानियों ने कह दिया सिविल एयरपोर्ट प्रारंभ हो जाए तो अपने मित्रो सहित यहां का दुबारा भ्रमण करूंगा। जैसलमेर में प्रतिवर्ष आने वाले सैलानियों में ज्यादातर सैलानी फ्रांस के ही आ रहे है। आज जैसलमेर में आए फ्रांस के सैलानियों के ग्रुप में मिस्टर रोबर्ट ने बताया कि जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट प्रारंभ हो जाए तो हमारा जोधपुर में बर्बाद होने वाला समय बच जाए।

उन्होंने बताया संपूर्ण रूप से तैयार एयरपोर्ट को भारत सरकार द्वारा प्रारंभ नहीं करने की राजनीति से हमारे कई सैैलानी समय के अभाव के कारण जैसलमेर भ्रमण से महरूम हो रहे है। जैसलमेर में उन्हें सुकून भरे पल बिताने का आनन्द मिला। उन्होंने पटवा हवेली के अग्र भाग में पीत पाषाण पर की गई चित आकर्षक चित्रकारी फूल, पतियां, पक्षियों के चित्र मोर, चिडिया एवं चित्र घोडा, गाय तथा हाथी की मूर्ति देख कहा कि ऐसी कलाकृति इतनी बहुतायत में उन्होंने पहली बार जैसलमेर में देखी।

सैनानी रोबर्ट ने बताया कि जैसलमेर के लोग निहायत मिलनसार है। यहां के हर घरों में पीले पत्थर के सोने की भांति चमकने वाले झरोखें लगे हुए देख अनुभव किया जा सकता है कि यह साधन संपन्न रहा है। सैलानी हजारों की संख्या में जैसलमरे पहुंच रहे है। सैलानियों के रोजाना बडे-बडे ग्र्रुप जैसलमेर पहुंच रहे है फ्रांस से घूमने आए पर्यटको के दल में मिचेल ने बताया कि भारत में तीज-त्यौहारों का साक्षात अनुभव करना सैलानियो के लिए भ्रमण का बेहतरीन कारण है। उन्हें सरकारी आयोजनों के बजाय लोगों की ओर से धार्मिक व सांस्कृतिक आधार पर मनाए जाने वाले इन त्यौहारों में जीवित आनंद होते है।

सैलानी मिचेल ने बताया कि जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर मैं अपने मित्रो सहित यहां का दुबारा भ्रमण करूंगा। उन्होंने बताया कि मेरे मित्र भारत भ्रमण कर चुके है परंतु जहां-जहां हवाई सेवा उपलब्ध है वहीं का भ्रमण कर फ्रांस प्रस्थान कर गए। ग्रुप में आई मिस मेरी ने बताया कि सोनार दुर्ग अति सुंदर है ।

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