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रतलाम 7 नवम्बर । लोकसन्त आचार्य श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. ने कहा है कि अहिंसा ग्राम जैसा आदर्श प्रकल्प भारतभर में कहीं भी नहीं है। संस्थापक एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने मानवता को सुरक्षित और संस्कारित रखने के लिए जिस पुनित भावना से अहिंसाग्राम का निर्माण करवाया था, वह लक्ष्य आज मैं पूर्ण होता देख रहा हॅंू। श्री काश्यप के माध्यम से कोई दैविक भावना कार्य कर रही है, ताकि मानव समाज में आपसी प्रेम, स्नेह और सद्भाव लगातार बढता रहे।
लोकसन्तश्री ने सोमवार को चेतन्य काश्यप फाउण्डेशन द्वारा संस्थापित गरीबी से मुक्ति के आदर्श प्रकल्प अहिंसा ग्राम में हितग्राही परिवारों को आशीर्वचन प्रदान किए। यहां फाउण्डेशन अध्यक्ष, राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप उपस्थित थे। लोकसन्तश्री ने कहा कि अहिंसा ग्राम के उद्घाटन समारोह में मैं आया था। रतलाम चातुर्मास के दौरान मेरी यहां निवासरत परिवारों के जीवनक्रम में आए परिवर्तन को देखने की भावना थी। इसी ध्येय से आज मुझे आपके बीच आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले हर जाति, धर्म और समाज के लोगों ने आपसी भाईचारे और अपनत्व को आगे बढाते हुए श्री काश्यप की भावना को साकार किया है। उन्होंने इस प्रकल्प के जरिए मानवता की भावना को बल दिया है। लोकसन्तश्री ने कहा कि श्री काश्यप न केवल रतलाम म.प्र. बल्कि देश के कई प्रान्तों में कार्य कर रहे है। प्राणी मात्र के लिए तन, मन एवं धन समर्पित कर-कर मानवीयता का कर्तव्य निभाना बड़ी बात है। उन्होंने हितग्राही परिवारों से आह्वान किया कि वे स्नेह, सामंजस्य और सद्भाव से यहां निवास करते हुए संस्कारित जीवन का निर्वहन कर श्री काश्यप के संकल्प को साकार करें।
नई जीवन शैली सिखाई: मुनिराजश्री
मुनिराजश्री निपुणरत्नविजयजी म.सा. ने कहा कि दुनियाभर मेें गरीबी की बहुत बड़ी-बड़ी बातें होती है, लेकिन इस दिशा में वास्तविक कार्य तो चेतन्य काश्यप ने ही किया है। रोटी और कपड़ा की व्यवस्था तो फिर भी हो जाती है, लेकिन मकान बनाना बहुत मुश्किल है। लेकिन श्री काश्यप ने अहिंसा ग्राम जैसी आदर्श बस्ती बसाकर जीवन जीने की नई शैली सिखाई है, जिससे आपका नया जन्म हुआ है। आपने कहा कि किसी भी बड़े कार्य की कल्पना और निर्माण के बाद उसका सुव्यवस्थित संचालन बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन श्री काश्यप ने लोकसन्तश्री के आशीर्वाद और प्रेरणा से यह अद्भुत कार्य कर दिखाया है।
सुसंस्कारित भविष्य का निर्माण: श्री काश्यप
फाउण्डेशन अध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज अहिंसा ग्रामवासियों के लिए मंगलमय दिवस है। जब इसके उद्घाटन के 11वर्ष पश्चात लोकसन्तश्री का यहां दोबारा मंगल पदार्पण हुआ है। आपके आगमन और आशीर्वचनों से नई जाग्रति एवं उत्साह का संचार होगा। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए अहिंसाग्राम देश में पहला प्रयोग है। आपसी सद्भाव, सामंजस्य और स्वावलम्बन से कैसे गरीबी का उन्मूलन और सुन्दर सुसंस्कारित भविष्य/समाज का निर्माण होता है, इसका अहिंसा ग्राम प्रत्यक्ष उदाहरण है। आपने कहा कि गरीबी से मुक्ति के साथ एक अच्छे वातावरण में सुसंस्कारित समाज का निर्माण बड़ी बात होती है। हमने इसी लक्ष्य को लेकर इस प्रकल्प की शुरूआत की थी। जिसमें सफल हो रहे है। ऐसे कार्यों को आज समाज में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर हितग्राही परिवारों ने श्री काश्यप का शॉल श्रीफल भेंट कर बहुमान किया। लोकसन्तश्री ने अहिंसा ग्राम का अवलोकन कर निवासरत परिवारों के जीवन में आए सुखद परिवर्तनों को सुना। संचालन समिति के मनोहर पोरवाल ने किया । आभार सिद्धार्थ काश्यप ने माना।
आज निकलेगी चैत्य परिपाटी -
लोकसन्तश्री की निश्रा में 8 नवम्बर को प्रात: जयन्तसेन धाम से चैत्य परिपाटी का आयोजन होगा । चैत्य परिपाटी कस्तूरबा नगर स्थित नमिनाथ जैन मंदिर तक निकाली जाएगी । इसमें शामिल होने के बाद लोकसन्तश्री, मुनिमण्डल व साध्वीवृन्द के साथ वापस जयन्तसेन धाम पहुंचेंगे, जहां सुबह के नियमित प्रवचन होंगे ।
ब्रजेश बोहरा नागदा

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