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जयपुर.31 अक्टूबर 1956 को सवाई मानसिंह राजस्थान के राजप्रमुख के पद से रिटायर हुए थे। इनके राज के दौरान ही देश में राजशाही का अंत हो गया, लेकिन जयपुर की जनता आज भी राजपरिवार को अपने राजा-रानी की तरह ही सम्मान देती है।

जानें पद्मनाभ के बारे में...

ऐसी है लाइफ

- पद्मानभ देश-विदेश में होने वाली कई पेज-3 पार्टीज में नजार आते हैं। इसके साथ ही वे जयपुर में होने वाले कई फेशन और अलग-अलग तरह के इवेंट्स में नजर आते हैं।
- साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई विंटेज कारों के साथ फोटो भी शेयर कर रखी है। बता दें कि जयपुर रॉयल फैमिली के पास भी कई लग्जरी विंटेज कारें मौजूद है। इसके साथ ही वे इंडियन पोलो टीम की तरफ से भी खेलते हैं।

संपत्ति की मौजूदा स्थिति

-जयपुर राजघराने के पास अरबों की संपत्ति है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजपरिवार की कई संपत्तियों पर 1992 से रिसीवर नियुक्त कर रखा है।
-तब से अब तक इन पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। भवानी सिंह के पिता सवाई मानसिंह द्वितीय की जो भी संपत्ति थी, मानसिंह के बाद भवानी सिंह उसके उत्तराधिकारी बने।
- तब से 1986 तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन उसके बाद संपूर्ण संपत्ति के बंटवारे को लेकर पूर्व राजमाता गायत्री देवी, भवानी सिंह के भाई जयसिंह, पृथ्वी सिंह और जगतसिंह एक ओर आ गए। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में संपत्ति बंटवारे का दावा कर दिया।
- इसके बाद से अब तक राजपरिवार की काफी संपत्तियों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं।

राजपरिवार के अधीन

- खातीपुरा हाउस, प्रिंसेज क्लब, प्रिंसेज हाउस, नाटानी का बाग, जयपुर क्लब (पूर्व महाराज कुमार पृथ्वी सिंह के लिए), रामगढ़ शूटिंग लॉज, आरामगाह, जमवारामगढ़ झील के मध्य शूटिंग लॉज, हवा ओधी, बंजर जमीन 3800 एकड़, लालवास बीड़ की 1900 एकड़ जमीन, सवाईमाधोपुर शूटिंग लॉज, दुर्गापुरा फॉर्म, लालनिवास, हथरोई फोर्ट, आंबेर माताजी, गोविंददेव जी मंदिर व गलता मंदिर से जुड़ी संपत्तियां, जयपुर हाउस, न्यू दिल्ली हाउस, इंग्लैड में सेंट हिल एस्टेट, फार्म, फ्लैट, शहर में दर्जनों हवेलियां और अरबों की चल संपत्ति।

पूर्व महाराजा की मिल्कियत,बेच नहीं सकते

-सिटी पैलेस के भीतर दीवान-ए-आम, सर्वतोभद्र, चंद्र महल, जयनिवास उद्यान, रामबाग पैलेस और आउट हाउसेस, जैन टैंपल, सवाई मान गार्ड मैस, भगवानदास बैरिकेड्स के मध्य खाली पड़ी भूमि, तख्तेशाही, जयगढ़।

पूर्व महाराज ने लिया था गोद...
- महाराजा सवाई मानसिंह और उनकी पहली पत्नी मरुधर कंवर के बेटे भवानी सिंह की शादी पद्मिनी देवी से हुई थी। उनकी इकलौती बेटी हैं दीया कुमारी।
- दीया कुमारी की शादी नरेंद्र सिंह से हुई। उनके दो बेटे पद्मनाभ सिंह और लक्ष्यराज सिंह हैं। बेटी हैं गौरवी। दीया वर्तमान में सवाई माधोपुर से बीजेपी विधायक हैं।
- पद्मनाभ सिंह ने 12 साल की उम्र में जयपुर रियासत संभाली तो दूसरे बेटे लक्ष्यराज सिंह ने महज 9 साल में यह जिम्मेदारी संभाली।
- महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह का कोई बेटा नहीं था। उन्होंने 2002 में अपनी बेटी दीया कुमारी के बेटों को गोद लिया था। भवानी सिंह के निधन के बाद 2011 में उनके वारिस के तौर पर पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ था और छोटे बेटे लक्ष्यराज 2013 में गद्दी पर बैठे।

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