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महाराष्ट्र के नाशिक में लासलगांव स्थित देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी में प्याज की कीमतें लगातार ऊंची हो रही हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि दिवाली तक प्याज महंगा होता रहेगा। लासलगांव ऐग्रिकल्चर प्रॉड्यूस मार्केट कमिटी (एपीएमसी) के थोक प्याज व्यापारियों ने कहा कि मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते फासले की वजह से प्याज के दाम बढ़ रहे हैं। एपीएमसी में पिछले 10 दिनों में प्याज की कीमत औसतन 80 प्रतिशत बढ़ गई है।

सोमवार को बाजार खुलने पर इसमें 21.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को प्याज औसतन 2,020 रुपये प्रति क्विंटल था जो सोमवार को बढ़कर 2,451 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। एपीएमसी सूत्रों के मुताबिक, प्याज के थोक मूल्य में बढ़ोतरी का असर कुछ दिनों में खुदरा बिक्री पर भी दिखने लगेगी। नाशिक में खुदरा प्याज 30 रुपये प्रति किलो बिकने लगा है और कुछ दिनों में भाव 35 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। हालांकि, देश के दूसरे हिस्सों में प्याज 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है।

लासलगांव एपीएमसी के चेयरमैन जयदत्त होलकर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, 'अभाव के कारण देश के दक्षिणी हिस्से से प्याज की मांग बहुत बढ़ गई है। इससे नाशिक में प्याज की थोक कीमतें बढ़ी हैं। बड़ी बात यह है कि दिवाली के दौरान लासलगांव समेत प्याज की नीलामी करनेवाली जिले की दूसरी एपीएमसी एक सप्ताह तक बंद रहेंगी। इसलिए, थोक व्यापारियों ने प्याज की कीमत बढ़ा दी है।'

सोमवार को लासलगांव मंडी में करीब 8,000 क्विंटल प्याज की बोली लगी। शुक्रवार को लासलगांव एपीएमसी में 21,000 क्विंटल प्याज की बोली लगी थी। एपीएमसी सूत्र ने टीओआई को बताया, 'अभी जो प्याज मार्केट में आ रहा है उसकी खेती मार्च-अप्रैल में हुई थी। गर्मा फसल पांच से छह महीने ही सही रह पाता है और किसान बेहतर मूल्य पाने की उम्मीद में प्याज का भंडारण करना पसंद करते हैं। यूं तो बारिश की वजह से प्याज का 20 प्रतिशत स्टॉक बर्बाद हो गया, फिर भी किसानों के पास अब भी पर्याप्त मात्रा में प्याज होगा।' दरअसल, पांच महीने पुराने प्याज की क्वॉलिटी भी लगातार खराब हो रही है।

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