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जहां ज्यादातर राजनेता अपने बेटे को भी नेता बनते ही देखना चाहते हैं, वहीं राजस्थान के एक विधायक का बेटा एक चपरासी के तौर पर विधानसभा आने जा रहा है। जामवा रामगढ़ के विधायक जगदीश नारायण मीणा बीजेपी से हैं, उनके बेटे राम किशन 18,008 उम्मीदवारों में से चपरासी पद के लिए चुने गए 18 लोगों में से एक हैं।

रामकिशन की नियुक्ति एक चयन बोर्ड से इंटरव्यू के बाद हुई है लेकिन विपक्ष इसपर विधायक पर वंशवाद के आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर रहा है। राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस पर कहा, 'बीजेपी सरकार ने युवाओं को 15 लाख नौकरियां देने का वादा किया था और अब कुछ हजार नौकरियां भी भाई-भतीजावाद के आधार पर दी जा रही हैं।'

पहली बार बीजेपी से विधायक बने मीणा का कहना है कि उनके बेटे ने नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जॉब के लिए आवेदन किया था। वह कहते हैं, 'रामकिशन मेरे चार बच्चों में सबसे बड़ा है इसलिए उसे खेतों और छोटे भाई-बहनों का ध्यान भी रखना पड़ता है। इस वजह से वह हाई स्कूल से ज्यादा नहीं पढ़ पाया।' उन्होंने कहा मेरे बेटे का चयन एक प्रक्रिया के बाद हुआ है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।

यह पूछने पर कि वह अपने बेटे को राजनीति में क्यों नहीं लाए, मीणा ने कहा कि राजनीति सबके बस की बात नहीं है। यह दूसरी बार है जब किसी विधायक के बेटे ने चतुर्थ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया है। इससे पहले बीजेपी के ही हीरालाल वर्मा के बेटे हंसराज ने ग्रेड चार की नौकरी के लिए आवेदन किया था। आठवीं क्लास तक पढ़े बेटे के बारे में हीरालाल ने कहा था कि उनका बेटा कम पढ़ा है, इसलिए ग्रेड चार की नौकरी के ही योग्य है।

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