राजस्थान सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो वर्ष आरंभ की गई महत्वाकांक्षी नन्द घर योजना ग्रामीण क्षेत्र मे रंग लाने लगी है। भामाषाहों के सहयोग से आंगनबाडी केन्द्रों पर विभिन्न सुविधाएं जुटाई गई है। इससे केन्द्रों पर लगातार घटती बच्चों की संख्यां पर तो अंकुष लगा ही है, साथ ही नामांकन मे भी निरंतर वृद्धि हो रही है। अब बच्चें आंगनबाडी जाने से कराते नही बल्कि बडे चाव से केन्द्र पर पहुंचने लगे है।
भामाषाहों ने सुधारी सेहत
आंगनबाडी केन्द्रों की डगमगाती व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दो वर्ष पूर्व राजस्थान सरकार ने नन्दघर योजना शुरू की। जिसके तहत प्रदेष के दस हजार आंगनबाडी केन्द्रो को दानदाता व भामाषाहों को गोद देकर उनके सहयोग से हर सुविधा जुटाई जानी थी, जिसमे बिजली, पानी व अन्य सुविधाएं शामिल है।
इसी के चलते नन्दघर योजना के तहत मेंगलवा कस्बे मे स्थित आंगनबाडी केन्द्रों पर भामाषाहों की तरफ रंग रोगन, मरम्मत कराई गई तथा बच्चों के लिए छोटी कुर्सियां, खिलौने, षिक्षण सामग्री व गणवेष आदि की व्यवस्था की गई। इसके फलस्वरूप अब इन केन्द्रो की रौनक ही अलग नजर आती है।
नामांकन बढकर हुआ दोगुना
मेंगलवा स्थित आंगनबाडी केन्द्र पर कार्यरत कार्यकर्ता भारती देवी का कहना है कि नन्दघर योजना मे गोद दिए जाने से पूर्व केन्द्र पर नामांकन दस पन्द्रह ही हुआ करता था, लेकिन भामाषाह की तरफ से सुविधाए दिए जाने के बाद यह केन्द्र काफी बदल गया है, अब यहां नामांकन भी पहले से दोगुना है। अब लगभग तीस बच्चें केन्द्र रोजाना पर पढने आते है।
स्वेटर वितरण
नन्दघर योजना के तहत मेंगलवा मे आंगनबाडी केन्द्र गोद लेने वाले गेनाजी खेताजी राजपुरोहित परिवार द्वारा हाल ही मे बच्चों के लिए स्वेटर वितरण कार्यक्रम भी किया गया। जिसमे जालोर विधायक अमृता मेघवाल, प्रधान जबरसिंह तुरा, मेंगलवा सरपंच अर्जुन मेघवाल, जिला परिषद सदस्या पवनी देवी के हाथों सभी बच्चों को स्वेटर वितरित किए गए।
इनका कहना
दो वर्ष पूर्व नन्दघर योजना के बारे मे तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी ने बताया तथा प्रेरित किया। जिसके बाद आंगनबाडी केन्द्र को गोद लेकर आवष्यकता की हर वस्तु बच्चों का दी जा रही है। मोहित राजपुरोहित, मेंगलवा नन्दघर योजना आंगनबाडी केन्द्र के भामाषाह

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